By | March 1, 2019
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भला ये कैसी मोहब्बत है

एक वादा किया है हमने , उनसे न मिलने का , ज़माना सोच रहा है , भला ये कैसी मोहब्बत है ???

भला ये कैसी मोहब्बत है

दर्द के सिवा कुछ नहीं मिलेगी

कहती हैं मोहब्बत , रुक जाओ हद से काफी आगे बढ़ रहे हो । दर्द के सिवा कुछ नहीं मिलेगी । मैंने भी कह दिया , दर्द उसकी ही न होगी मन्जुर हैं मुझे ।

दर्द के सिवा कुछ नहीं मिलेगी

एक दिन तुम जरूर मिलोगी

काश मेरे लिए तुम मौत होती …. यकीन तो रहता …. कि एक दिन तुम जरूर मिलोगी ।

एक दिन तुम जरूर मिलोगी

मिटा दे उसकी तस्वीर

मिटा दे उसकी तस्वीर मेरे आँखों से , ऐ खुदा । अब तो वो मिलने मुझसे , ख्वाबों में भी नहीं आती ।

मिटा दे उसकी तस्वीर

ज्यादा फर्क नही

ज्यादा फर्क नही रखा खुदा ने हम दोनों के बीच तुझे बेसुमार चाहने वाले थे एक हम , और मुझे आसानी से ठुकराने वाले थे एक तुम  ।

ज्यादा फर्क नही

भला कौन इस दिल की

भला कौन इस दिल की इतनी देख-भाल करे , रोज़ रोज तो इसके किस्मत में टूटना ही लिखा है ।

भला कौन इस दिल की

जब से वह गई

सूरज रोज रोज सुबह फिजूल के ही निकलता है , जब से वह गई हैं , उजाला ही नही देखा है।

जब से वह गई

SILENT LOVE BUT HUGE

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