By | November 7, 2017
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मुस्कुराने की चाहत


न आती ज़िन्दगी में तुम तो ऐसा कुछ होता नहीं ,
न जाती ज़िन्दगी से तुम तो ऐसा कुछ होता नहीं ,
आँखों में एक ‘सुनापन’ था मगर लब पर थोड़ी मुस्कान थी ,
अब ये ऐतवार भी नहीं हैं कि …..आओगे तुम ….
मगर दिल में धुंधली सी तस्वीर बनती हैं तुम्हारी
इन्हें संभाले ‘रखता हुँ अब …… गिरकर कही बिखर न जाये तस्वीर तुम्हारी ….

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