By | March 14, 2019
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तेरे ही झुटे पानी से शराब बनती

तेरे होटो में भी क्या खूब नशा है ” ऐ मन ” …।। ऐसा लगता है की तेरे ही झुटे पानी से शराब बनती है l

  तेरे ही झुटे पानी से शराब बनती

मत रूठना कभी हमसे

मत रूठना कभी हमसे ”ऐ मन ” ….. हमें तो ठीक से मनाना भी नहीं आता । बेवजह हमारे बिच एक दरार पड़ जाएगी …..

मत रूठना कभी हमसे

कमबख्त ये आसु

लिखना था तेरे बगैर भी खुश हैं हम यहाँ , मगर कमबख्त ये आसु हैं कि मेरे कलम से पहले ही चल दिए।

कमबख्त ये आसु

जहाँ कोई न तेरा हो न मेरा

चल चलें किसी ऐसी जगह … जहाँ कोई न तेरा हो न मेरा हो..!! इश्क़ की रात हो और बस मोहब्बत का सवेरा हो….!!

जहाँ कोई न तेरा हो न मेरा

वक्त ने हमदोनो को

वह भी कुछ मुझसे बोलना चाह रही थी , पर कह न सकी। मैं भी कुछ उनसे बोलना चाह रहा था , पर कह न सका । पता नहीं क्यों और कैसे , वह वक्त ने हमदोनो को पत्थर बना दिया था ।।।।

वक्त ने हमदोनो को

हाथों पर अपना नाम

उसके हाथों पर अपना नाम देखा तो बड़ा खुश हुआ , फिर वो बड़े मासूमियत से बोली इस नाम का कोई और भी हैं।

हाथों पर अपना नाम

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