By | May 11, 2019
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कुछ समझ में नहीं आता

जिन्दगी की अजीब दास्ताँ हैं , यह क्या कहना चाहती हैं , कुछ समझ में नहीं आता कि मेरी उम्र 1 साल बढ़ गई या 1 साल घट गई !!!

कुछ समझ में नहीं आता

छोटा सा शब्द विश्वास

छोटा सा शब्द पढने में ‘सेकंड लगता है सोचने मे “मिनट” लगता है समझने मे “दिन” लगता है और साबित करने मे पूरी जिन्दगी लग जाती है वो है…| विश्वास |

 छोटा सा शब्द विश्वास

खुशियाँ उधार देने का कारोबार

हम तो खुशियाँ उधार देने का कारोबार करते हैं , साहब कोई वक़्त पे लौटाता नहीं है इसलिए घाटे में हैं….

खुशियाँ उधार देने का कारोबार

बुरे वक्त मे मेरा साथ छोङ दिया

“शुक्रगुजार हूँ उन तमाम लोगो का , जिन्होने बुरे वक्त मे मेरा साथ छोङ दिया … क्योकि उन्हें भरोसा था कि “मैं मुसीबतों से अकेले ही निपट सकता हूँ”।

बुरे वक्त मे मेरा साथ छोङ दिया

गवर्नर के हस्ताक्षर से नोट बन जाता

एक कागज का टुकड़ा गवर्नर के हस्ताक्षर से नोट बन जाता है जिसे तोड़ने, मरोडने” गंदा होने एवं जर्जर होने से भी उसकी कीमत कम नहीं होती, ठीक उसी तरह हम सब के ऊपर भी ईश्वर के हस्ताक्षर है , हमारी भी कीमत कभी कम नहीं होगी।

गवर्नर के हस्ताक्षर से नोट बन जाता

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