By | March 1, 2019
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कोई गुजर गया आहिस्ता- आहिस्ता

आज मेरी कब्र से कोई गुजर गया आहिस्ता- आहिस्ता… मैं कफन ओढ़े चुपचाप लेटा देखता रहा आहिस्ता- आहिस्ता …. ।

कोई गुजर गया आहिस्ता- आहिस्ता

मोहब्बत के जख्म

मोहब्बत के जख्म “किसी भी मौसम में देख सकते हो मन , मोहब्बत के जख्म हर मौसम में ताजे ही दिखेगे !!

मोहब्बत के जख्म

आँसू से लबालब भरी आँखें

आँसू से लबालब भरी आँखें लेकर मैं घूमता ही रहा, …. दिल में बैठा वो शख्स , मुझे परेशान करता ही रहा !!!

आँसू से लबालब भरी आँखें

chale jate h ek dusre ke karib se

बड़ी ख़ामोशी से गुज़र जाते हैं हम दोनों एक दूसरे के करीब से…. ! मगर यादों का बवन्डर तूफान मचा देता हैं दिल की गहराईयो में … ।।।

chale jate h ek dusre ke karib se

किसी दिन गुजरे मेरी गलियों से 

किसी दिन गुजरे मेरी गलियों से    रोज घंटों खड़ा होकर देखता रहता हूँ अपनी बालकनी से ,,, किसी भी दिन तो वह गुजरे , कभी मेरी गलियों से …।।।

किसी दिन गुजरे मेरी गलियों से


मोहब्बत की सारी बातें

पढ़े लिखे है वो मुझसे ज्यादा , मगर मोहब्बत की सारी बातें मुझसे ही पूछते हैं।

मोहब्बत की सारी बातें

मेरे ‘इश्क़’ के किस्से

आज फिर थोड़ा देर खड़ा हूँ उन्ही गलियों में , जहाँ मशहूर हुए थे , मेरे ‘इश्क़’ के किस्से !!!

मेरे ‘इश्क़’ के किस्से

I SEARCH A LOVE AS YOU

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