By | March 29, 2019
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मुझसे दूर जाते वक्त

उसने मुझसे दूर जाते वक्त यह बोल रही थी , कि रोते तो सब हैं तब क्या हम सबके हो जाए।

मुझसे दूर जाते वक्त

रात भर जागता हूँ

रात भर जागता हूँ , एक एसे सख्श की खातिर , जिसको दिन के उजाले मे भी मेरी याद नही आती !!!

रात भर जागता हूँ

फिर बेइन्तहा चाहने लगा

मुझसे भूल से बहुत बड़ी भूल हुई हैं , तुम्हें चाहा और फिर बेइन्तहा चाहने लगा।।।

फिर बेइन्तहा चाहने लगा

वो मशहुर हो गई

कैसे तारिफ करु , मैं अपने किरदार का , वो मशहुर हो गई , मुझे बदनाम करके…!

वो मशहुर हो गई

तुझे मेरी किस्मत में

खुदा ने जानबुझ के नहीं लिखा , तुझे मेरी किस्मत में , कि सारे जहाँ की खुशियाँ , एक ही शख्स को कैसे दे दूँ !!!!

तुझे मेरी किस्मत में

टुलि हो जान लेने को

क्युँ टुलि हो जान लेने को ??? जान भी तुम हो और ये जानती भी तुम हो !!!

टुलि हो जान लेने को

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