By | July 5, 2019
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देखकर भी अनदेखा कर देता

उन झुकी निगाहों से भी चोट लगता है “मन” !!!

जो हर बार देखकर भी अनदेखा कर देता है “मन” ।।।

देखकर भी अनदेखा कर देता

यूं ही चलते चलते

यूं ही चलते चलते जो आवाज दी थी न तुमने…
कदमों की क्या औकात, सांसे तक रुक गई थी मेरी …

यूं ही चलते चलते

एसे इतवार मनाने का

क्या फायदा, तुमको एसे इतवार मनाने का ,

जो समय ही ना मीले, मुझसे मिलने आने का…

एसे इतवार मनाने का

कोई दूसरी कहानी पढ़ लो

कोई दूसरी कहानी पढ़ लो “मन” !!!

ये वाली कहानी मे तो , मैं मर चुका हूँ …

कोई दूसरी कहानी पढ़ लो

पहन कर पैरो में पायल

पहन कर चलते है , वह पैरो में पायल …

और कहते फिरते है.. हमे शोर शरबा कतई पसंद नही …!!

 पहन कर पैरो में पायल

कोई प्यार की पढ़ाई

काश कही होती कोई प्यार की पढ़ाई ,,

हर बार “तेरे जिक्र” में हम ही अव्वल आते !!!

कोई प्यार की पढ़ाई

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