By | March 28, 2019
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इस जगमगाते हुए शहर

इस जगमगाते हुए शहर से हटकर मेरा एक अपना शहर है ”’अन्धेरो का शहर ” जहाँ सिर्फ मैं और एक तेरी यादे ही रहतीं हैं।

 इस जगमगाते हुए शहर


हम मिलने को तरसते हैं

खुश नसीब होते हैं बादल , जो दूर रहकर भी ज़मीन पर बरसते हैं , और एक बदनसीब हम हैं , जो एक ही दुनिया में रहकर भी.. मिलने को तरसते हैं.

हम मिलने को तरसते हैं

इश्क का नाम बता दिया

आज खुदा ने भी मुझसे पूछा हि लिया , कि
तेरा पहले जैसा हसता हुआ चेहरा उदास क्यों हैं ??? मैं इश्क का नाम बता दिया …..

इश्क का नाम बता दिया


Chaha to tha bahut

Chaha to tha bahut tut kar……. par tujhe pa na sake…….
Shayad meri duwaon me hi koi kami rah gyi…… jo tujhe apna bana na ske……
Janta hai ye dil mera koi hak ni h tujpe….. fir bhi na Jane q tera naam sun k tadapta h …or tuje dekh k dhadkta hai……….

Chaha to tha bahut

मैं उसे भूल गया

मैं उसे भूल गया जमाने को बोल देता हूँ कि मैं उसे भूल गया , पर सच तो मुझे और मेरे दिल को ही पता है।

मैं उसे भूल गया

किसकी पनाह में गुज़ारे ऐ जिंदगी

किसकी पनाह में तुझको गुज़ारे ऐ जिंदगी , अब तो रास्तों ने भी कह दिया है , कि घर क्यों नहीं जाते !”

किसकी पनाह में तुझको गुज़ारे ऐ जिंदगी

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